भामाशाह जयंती पर व्यापारियों ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प, चंडीगढ़ में मनाया गया व्यापारी प्रेरणा दिवस
Traders pledge to contribute to nation-building
दानवीर भामाशाह जयंती पर व्यापारियों ने लिया राष्ट्र निर्माण का संकल्प
अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल ने मनाया व्यापारी प्रेरणा दिवस
चंडीगढ़, 29 जून। Traders pledge to contribute to nation-building, अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल द्वारा दानवीर भामाशाह जयंती एवं व्यापारी प्रेरणा दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) चंडीगढ़ प्रदेश अध्यक्ष विद्या शंकर पाठक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राष्ट्रीय लोक दल के उप प्रधान राम मिलन गौड़, जनरल सेक्रेटरी धर्मवीर सुलानिया सहित पार्टी के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में व्यापारियों, समाजसेवियों एवं गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया।
मुख्य अतिथि विद्या शंकर पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि दानवीर भामाशाह भारतीय इतिहास के ऐसे महान व्यक्तित्व थे जिन्होंने राष्ट्रहित और समाजहित को सर्वोपरि रखते हुए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उनका जीवन आज के युवाओं, व्यापारियों और समाजसेवियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पार्टी मीडिया प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक दल सदैव किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और आम जनता के हितों की आवाज उठाने का कार्य करता रहा है। पार्टी का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर विकास, रोजगार, सामाजिक समरसता और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए राष्ट्रीय लोक दल हमेशा प्रतिबद्ध रहेगा।
अखिल एकता उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापार वर्ग देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। व्यापारी न केवल रोजगार सृजन करता है बल्कि समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दानवीर भामाशाह का जीवन व्यापारियों को समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि व्यापारी समाज को एकजुट होकर देश के आर्थिक विकास, सामाजिक उत्थान तथा जनकल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभानी चाहिए। दानवीर भामाशाह की जयंती को व्यापारी प्रेरणा दिवस के रूप में मनाने का उद्देश्य नई पीढ़ी को सेवा, त्याग, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से जोड़ना है।
अंत में सभी उपस्थित अतिथियों एवं सदस्यों का धन्यवाद करते हुए समाज एवं राष्ट्र के विकास में निरंतर योगदान देने का संकल्प लिया गया।